इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने ट्रांसजेंडर प्लेयर्स को इंटरनेशनल विमेंस क्रिकेट में हिस्सा लेने से बैन कर दिया है। आईसीसी ने मंगलवार को अहमदाबाद में क्वार्टरली मीटिंग की, जिसमें कई फैसले लिए गए। आईसीसी ने अगले साल जनवरी-फरवरी में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी श्रीलंका से छीन कर साउथ अफ्रीका को दे दी है।
आईसीसी ने फैसला लेते नए नियम अप्रूव किए। इनके मुताबिक, पुरुष से महिला बनने वाले प्लेयर्स अब इंटरनेशनल विमेंस टीम से क्रिकेट नहीं खेल सकेंगे। सर्जरी या किसी भी तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट का यूज कर पुरुष से महिला बनने वाले प्लेयर्स विमेंस क्रिकेट का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। हालांकि इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड ने देशों के घरेलू क्रिकेट में इस नियम को लागू नहीं किया है। बोर्ड अगर चाहें तो अपने देश के घरेलू विमेंस क्रिकेट में ट्रांसजेडर प्लेयर्स को शामिल कर सकते हैं।
डेनिले मैक्गाय पहली इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर प्लेयर-
इसी साल डेनिले मैक्गाय इंटरनेशनल विमेंस टीम से क्रिकेट खेलने वाली पहली ट्रांसजेडर प्लेयर बनी थीं। तब ढ्ढष्टष्ट नियमों के मुताबिक उन्होंने कनाडा से क्रिकेट खेला था। 29 साल की बैटर डेनिले ने ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलना शुरू किया था लेकिन 2020 में कनाडा शिफ्ट होने के बाद उन्होंने अपना जेंडर चेंज करवा लिया। 2021 में सर्जरी सफल होने के बाद सितंबर 2023 में डेनिले ने कनाडा से डेब्यू कर लिया। उन्होंने अब तक 6 टी-20 में 95.93 के स्ट्राइक रेट से 118 रन बनाए थे। लेकिन नए नियमों के चलते वह अब इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सकेंगी।
ओवर के बीच 60 सेकेंड का टाइम-
अब इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर खत्म होने के बाद अगला शुरू होने के लिए 60 सेकेंड (एक मिनट) का टाइम मिलेगा। अगर बॉलिंग टीम ऐसा नहीं कर पाई तो उन्हें 2 वॉर्निंग मिलेगी। तीसरी बार ऐसा करने पर बैटिंग टीम के स्कोर में 5 रन जुड़ जाएंगे। मैच में हर तीसरी बार ऐसा होने पर बॉलिंग टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगेगी।
5 महीने तक ट्रायल करेंगे 60 सेकेंड रूल-
आईसीसी ने बताया कि टाइम मॉनिटर करने के लिए ओवर्स के बीच घड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा। गेंदबाजी टीम अगर 60 सेकेंड के अंदर अगला ओवर फेंकने के लिए तैयार नहीं हुई तो हर तीसरी गलती पर उन पर पेनल्टी लग जाएगी। अगले महीने दिसंबर से 2024 में अप्रैल तक 60 सेकेंड रूल को वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनाया जाएगा। अप्रैल के बाद फैसला लिया जाएगा कि इस नियम को परमानेंट किया जाए या नहीं।
6 डिमेरिट पॉइंट पर ग्राउंड का इंटरनेशनल स्टेटस हटेगा-
आईसीसी ने ग्राउंड की पिच और आउटफील्ड को रेटिंग देने के लिए भी नए नियम लागू किए। अब 5 साल के अंदर एक ग्राउंड को अगर 6 डिमेरिट पॉइंट्स मिल गए तो उनसे इंटरनेशनल स्टेटस छीन लिया जाएगा। पहले 5 डिमेरिट पॉइंट्स पर ही स्टेटस हट जाता था।
ओवर के बीच 60 सेकेंड का टाइम-
अब इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ओवर खत्म होने के बाद अगला शुरू होने के लिए 60 सेकेंड (एक मिनट) का टाइम मिलेगा। अगर बॉलिंग टीम ऐसा नहीं कर पाई तो उन्हें 2 वॉर्निंग मिलेगी। तीसरी बार ऐसा करने पर बैटिंग टीम के स्कोर में 5 रन जुड़ जाएंगे। मैच में हर तीसरी बार ऐसा होने पर बॉलिंग टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगेगी।
5 महीने तक ट्रायल करेंगे 60 सेकेंड रूल-
आईसीसी ने बताया कि टाइम मॉनिटर करने के लिए ओवर्स के बीच घड़ी का इस्तेमाल किया जाएगा। गेंदबाजी टीम अगर 60 सेकेंड के अंदर अगला ओवर फेंकने के लिए तैयार नहीं हुई तो हर तीसरी गलती पर उन पर पेनल्टी लग जाएगी। अगले महीने दिसंबर से 2024 में अप्रैल तक 60 सेकेंड रूल को वनडे और टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनाया जाएगा। अप्रैल के बाद फैसला लिया जाएगा कि इस नियम को परमानेंट किया जाए या नहीं।
6 डिमेरिट पॉइंट पर ग्राउंड का इंटरनेशनल स्टेटस हटेगा-
आईसीसी ने ग्राउंड की पिच और आउटफील्ड को रेटिंग देने के लिए भी नए नियम लागू किए। अब 5 साल के अंदर एक ग्राउंड को अगर 6 डिमेरिट पॉइंट्स मिल गए तो उनसे इंटरनेशनल स्टेटस छीन लिया जाएगा। पहले 5 डिमेरिट पॉइंट्स पर ही स्टेटस हट जाता था।


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