मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हाई स्कूल शिक्षक भर्तियों को उचित ठहराते हुए अवमानना याचिका का पटाक्षेप कर दिया। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा व अन्य अधिकारियों के खिलाफ अवमानना प्रक्रिया समाप्त कर दी।
राजस्थान के शांतिलाल जोशी व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि स्टे के बावजूद शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए हैं। याचिका में कहा गया कि हाईकोर्ट ने 31 जनवरी 2020 में यह आदेश दिया था कि अधिसूचना के अधार पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करें, लेकिन नियुक्ति पत्र जारी नहीं करें।
आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने जवाब पेश कर बताया कि हाईकोर्ट ने 13 जुलाई 2021 को अंतरिम आदेश के जरिए 31 जनवरी 2020 और 20 जुलाई 2020 के आदेशों को मॉडिफाइ करते हुए नियुक्ति आदेश जारी करने की अनुमति दे दी थी। उन्होंने तर्क दिया कि अवमानना याचिका में इस तथ्य को उजागर नहीं किया गया कि हाईकोर्ट ने पूर्व के आदेशों को मॉडिफाई कर दिया है। यह भी बताया गया कि ओबीसी आरक्षण और ईडब्ल्यूएस आरक्षण को लेकर सैकड़ों याचिकाएं लंबित हैं। इनमें से कुछ मामलों में 31 जनवरी 2020 को हाईकोर्ट ने उक्त आदेश जारी किया था, लेकिन बाद में उसमें संशोधन कर दिया गया। मामले पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने पाया कि नियुक्ति प्रक्रिया मॉडिफाई आदेश के आधार पर ही की गई हैं, इसिलए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का प्रकरण नहीं बनता।

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