जीत को हार में बदल सकता है नोटा - दा त्रिकाल

Breaking

World

Tuesday, November 28, 2023

जीत को हार में बदल सकता है नोटा

नोटा से घबराए प्रत्याशी, बीते चुनाव में बदल दिए थे परिणाम

नोटा यानी नन ऑफ द अबव को लेकर प्रत्याशियों में घबराहट का माहौल है। उन्हें चिंता ज्यादा है,जिनका मुकाबला कांटे का है या उनकी स्थिति उतनी अच्छी नहीं है। बीते चुनाव में नोटा की मौजूदगी ने कई प्रत्याशियों को संकट में डाल दिया था। प्रत्याशियों को अपने प्रतिद्वंद्वी का डर तो है उन्हें नोटा की चिंता भी सता रही है। वजह, वर्ष 2018 के चुनाव में 16 सीटों पर नोटा को निर्णायक मत मिले थे। यानी, इन सीटों पर हार-जीत का अंतर नोटा को मिले मतों से कम था।

-कम नहीं आंक सकते नोटा को
15 सीटों पर तो नोटा को पांच हजार से अधिक मत मिले थे। 34 सीटों पर नोटा तीसरे नंबर पर था। अब प्रत्याशियों को डर इस बात का है यह वोट उनके कटेंगे तो जीत का गणित बिगड़ सकता है। खासतौर उन सीटों पर प्रत्याशियों को ज्यादा डरा रहा है जहां पिछले चुनाव में नोटा को ज्यादा मत मिले थे।

-विंध्य में भी रहे नोटा के जलवे
विंध्य क्षेत्र की कई सीटों पर नोटा को तीन हजार से अधिक मत मिले थे। यह तीसरे या चौथे नंबर पर रहा। इसके बाद महाकोशल और मालवा-निमाड़ की सीटों पर नोटा को अधिक मत मिले थे। सर्वाधिक सात हजार 948 मत भैंसदेही सीट में इसे मिले थे। पूरे प्रदेश की बात करें तो वर्ष 2018 में नोटा को पांच लाख 40 हजार (1.42 प्रतिशत) और वर्ष 2013 में छह लाख 51 हजार 510 मत (1.40 प्रतिशत) इसे मिले थे। जिन सीटों पर वर्तमान विधायकों का विरोध अधिक है वहां नोटा को ज्यादा मत मिले सकते हैं।

-इन सीटों पर किया ज्यादा कमाल
कोलारस, बीना, थांदला, राजनगर, दमोह, नागोद, बांधवगढ़, जबलपुर उत्तर, टिमरनी, नेपानगर, राजपुर, जोबट, पेटलावद, इंदौर-5, सुवासरा और गरोठ, चाचौड़ा, रहली, अनूपपुर, जबलपुर पश्चिम, गोटेगांव, नरसिंहपुर, गाडरवाड़ा, छिंदवाड़ा, बैतूल, भैंसदेही, उदयपुरा, सांची, हुजूर, आगर, हरसूद, भीकनगांव, कसरावद, सेंधवा, राजपुर, पानसेमल, आलीराजपुर,सरदारपुर, गंधवानी, धरमपुरी, इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-4, इंदौर-5, महू , राऊ, रतलाम ग्रामीण, आलोट, मनासा और नीमच।

No comments:

Post a Comment