महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, बाजार में उत्साह - दा त्रिकाल

Breaking

World

Wednesday, November 1, 2023

महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, बाजार में उत्साह





कई साल बाद बन रहा शुभ संयोग, मिलेगा कई गुना फ ल, पार्लर में लगी कतार


  



जबलपुर। 

सुहाग के प्रतिक करवा चौथ पर पर आज महिलाएं 13 घंटे 42 मिनट का निर्जला व्रत रखेंगी। अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सूर्योदय के साथ सुबह 6 बजकर 33 मिनट से व्रत का आरंभ हो गया है। रात 8 बजकर 15 मिनट के आस-पास चंद्रोदय पूजन के बाद व्रत समाप्त होगा। इस पवित्र त्यौहार को लेकर जहां सुबह से घरों में तैयारियां की जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर बाजार में भी उत्साह का माहौल है। शहर के प्रमुख बाजारों से लेकर चौक-चौराहों पर पूजा-सामाग्रियों से लेकर साज-श्रृंगार से संबंधित वस्तुओं की दुकानें सजी हुई है। महिलाएं टोलियों में इन दुकानों में पहुंचकर अपनी मनपसंद सामग्रियों की खरीदी कर रही हैं। वहीं हांथों में मेहंदी सजाने और सजने-संवरने के लिए ब्यूटी पार्लर में दो दिन पहले से भीड़ देखी जा रही थी, लेकिन आज सुबह से महिलाएं पार्लर में पहुंचकर सज-संवर रही हैं।

सौ साल बाद बना है संयोग

पं. सौरभ दुबे ने बताया कि करवा चौथ पर इस बार विशेष संयोग भी बना हुआ है। सर्वार्थ सिद्धि और अमृत योग इस करवा चौथ को श्रेष्ठ बना रहे है। ऐसा संयोग 100 साल बाद बन रहा है। करवा चौथ तिथि 31 अक्टूबर रात 10:42 पर शुरू हो गया और आज 1 नवंबर को रात 10:39 तक रहेगी। करवा चौथ का चंद्रोदय रात्रि 8:12 बजे होगा। चंद्रदर्शन के बाद ही महिलाएं अपने व्रत का उद्यापन करेगी।

संध्या पूजा विधि

संध्या के समय शुभ मुहूर्त में चौक पूर कर उस स्थान पर लकड़ी का आसन स्थापित करें। चौक पर भगवान शिव और मां पार्वती के गोद में बैठे प्रभु गणेश के चित्र की स्थापना कर मां पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें और मिट्टी के करवा में जल भर कर पूजा स्थान पर रखें। उसके बाद भगवान श्री गणेश, मां गौरी, भगवान शिव और चंद्र देव का ध्यान कर करवा चौथ व्रत की कथा सुनें। चंद्रमा की पूजा कर उन्हें अर्घ्य दें। फि र छलनी की ओट से चंद्रमा को देखें और उसके बाद अपने पति का चेहरा देखें। इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण करें।

पौराणिक मान्यता

ऐसी मान्यता है की करवा चौथ का व्रत पार्वती माता ने भगवान शिव के लिए और द्रौपदी ने पांडवों के लिए कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा था। करवा चौथ व्रत को विधिपूर्वक करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती रहने का वरदान प्राप्त होता है। करवा माता उनके सुहाग की सदैव रक्षा कर अपना आशीर्वाद देती हैं।

करवा चौथ थाली में यह सामाग्री है जरूरी

मिट्टी का करवा, आटे से बना दीपक, कलश, छलनी,फूल, अक्षत, कुमकुम, मिठाई। इसके अलावा पान, कांस की सींक, कलश, 8 पूरियों की अठावरी, अक्षत, फ ल, चंदन, श्रृंगार का सामान, व्रत कथा किताब, पीली मिट्टी, फू ल, हल्दी, लकड़ी का आसान, सिंदूर, देसी घी, कच्चा दूध, दही, शहद, शक्कर का बूरा, रोली, मौली, मिठाई, छलनी, दीपक पूजन सामाग्री जरूर रखें।

व्रत रखे या नहीं मेहंदी जरूर लगाना चाहिए

करवा चौथ पर मेहंदी लगाना सुहागिन महिलाओं के लिए जरूरी माना जाता है। हर शुभ काम में सुहागिनें मेहंदी लगाना पसंद करती हैं। कहा जाता है कि इस दिन जो महिलाएं करवा चौथ पर व्रत नहीं रखती हैं उन्हें भी मेहंदी लगाना चाहिए।

No comments:

Post a Comment